2025-11-01 21:13:05
पदमा: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मोंथा का असर ने पदमा प्रखण्ड सहित हजारीबाग जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वर्षा से ठण्ड में अचानक वृद्धि हुई है, खेतों में लगी धान की फसल जो लगभग पककर तैयार थी, छाए बादलों, तेज हवा और बारिश के कारण गिर गई है, बालियाँ भीग गई हैं, उनमें अंकुरण का खतरा बढ़ गया है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज़ दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। खेतो में पानी भर जाने से कटाई और मढ़ाई का काम रुक गया है, कई किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी, बारिश के कारण रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित होने की आशंका है। बीते तीन-चार दिनों से मौसम के बदले मिजाज से क्षेत्र के किसान चिंतित हैं। तेज हवा के साथ रुक-रुककर हो रही बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। मंगलवार की शाम से बूंदाबांदी शुरू हुई, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, बाजार पर बारिश का व्यापक असर देखने को मिला, छात्र-छात्राओं को विद्यालय जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा, दिहाड़ी मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा, घरों से लोगों को निकलना दूभर हो चुका है, इस समय गोभी, मटर, सरसों, टमाटर, आलू, चना वगैरह की बोआई का समय चल रहा है बारिश के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो गया है। किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुवे हैं, धान की फसल मुख्य पूंजी होती है, बारिश और हवा से धान की फसल को भारी नुकसान होगा। खेत में गिरे पौधों में लगी बालियां में बीज नहीं बनेगा, वहीं पक कर तैयार धान सड़ जाएंगे। आलू और सरसों के लगाए गए बीज भी पानी के कारण सड़ेंगे, जिससे अंकुरण नहीं होगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार तक मौसम सामान्य होने की उम्मीद है। साथ ही सरकार से फसलों को हुवे नुकसान का उचित मुआवजा प्रदान करने की माँग की है।