बागपत में टीबी पर बड़ी जीत 22 ग्राम पंचायतें हुई टीबी मुक्त ,ग्राम प्रधान किए सम्मानित

जनपद में टीबी के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष अभियान प्रारंभ, मिशन मोड में होगी क्षय रोग की रोकथामबागपत। विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर जिले में टीबी के खिलाफ बड़ी उपलब्धि दर्ज
News

2026-03-24 20:00:16

बागपत में टीबी पर बड़ी जीत: 22 ग्राम पंचायतें हुई टीबी मुक्त ,ग्राम प्रधान किए सम्मानित जनपद में टीबी के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष अभियान प्रारंभ, मिशन मोड में होगी क्षय रोग की रोकथाम बागपत। विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर जिले में टीबी के खिलाफ बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई। जिले की 22 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। कलेक्ट्रेट में आयोजित समारोह में बागपत सांसद डॉ राजकुमार सांगवान और छपरौली विधायक डॉ अजय कुमार ने इन पंचायतों के ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक देकर सम्मानित किया ।टीबी मुक्त हेतु चयनित ग्राम पंचायतों में सैदपुर, अंगदपुर और नंगलारवा ग्राम पंचायतों को स्वर्ण श्रेणी में रखा गया है, जबकि गौरीपुर, खपराना और डौलचा को रजत श्रेणी मिली है। वहीं शेरपुर, डगरपुर, गढ़ी कला, पूरनपुर नवादा, फुलेरा, संतोषपुर, क्यामपुर, अहमदपुर गठीना, शाहपुरा, शाहजहांपुर कैड़वा, शहाजानपुर, पुठेड़ा, घटौली, अमरपुर और मुकुंदपुर औगटी को कांस्य श्रेणी में शामिल किया गया है। इन गांवों में संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल जांच कराई गई और मरीजों का पूरा इलाज सुनिश्चित किया गया। किसी भी मरीज ने बीच में दवा नहीं छोड़ी, जिससे संक्रमण की कड़ी टूट सकी और गांव टीबी मुक्त घोषित किए गए। बताया गया कि, क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। समय पर जांच और पूरा इलाज होने पर यह बीमारी ठीक हो सकती है। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि के पीछे चलाए गए विशेष घर-घर स्क्रीनिंग अभियान को अहम बताया। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने गांवों में जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान की और उन्हें जांच व इलाज के लिए प्रेरित किया। साथ ही निक्षय मित्रों की सहभागिता से मरीजों को पोषण सहायता और स्वास्थ्य विभाग ने नियमित दवा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।वहीं कलेक्ट्रेट सभागार से जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी उन्मूलन अभियान की शुरुआत की। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अनुरूप संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य छिपे हुए मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत जिले की शेष ग्राम पंचायतों में घर-घर सर्वे अभियान चलाया जाएगा। आशा, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संभावित लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। लगातार खांसी, बुखार, वजन घटने जैसे लक्षण मिलने पर तुरंत सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी मरीज को शुरुआती स्तर पर ही चिन्हित किया जा सके।अभियान में “टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक” रणनीति पर विशेष जोर रहेगा। यानी संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच, पुष्टि होने पर तुरंत उपचार शुरू करना और पूरे इलाज के दौरान उनकी नियमित निगरानी करना। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मरीजों की ट्रैकिंग भी की जाएगी, ताकि कोई भी मरीज दवा बीच में न छोड़े। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और मुफ्त इलाज की जानकारी दी जाए।अभियान में पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे उपचार के दौरान बेहतर आहार ले सकें। इसके अलावा “निक्षय मित्र” पहल के माध्यम से सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों को भी मरीजों की सहायता के लिए जोड़ा जाएगा।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान को मिशन मोड में चलाते हुए नियमित समीक्षा की जाए।उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ना है, ताकि आने वाले समय में जिले की सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा सके।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@anupamsandesh.com
Copyright© Anupam Sandesh
Powered by DiGital Companion