शहीद दिवस पर ग्राम खेड़की में श्रद्धांजलि सभा

जनपद के गाँव सिसाना में 3 अप्रैल 1929 में दिल्ली एसेम्बली में बनी थी बम विस्फोट की योजना: एड हर्ष शर्मा गपत।युवा भारत बागपत, युवा कार्यक्रम एवं खेल
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2026-03-24 19:00:02

शहीद दिवस पर ग्राम खेड़की में श्रद्धांजलि सभा जनपद के गाँव सिसाना में 3 अप्रैल 1929 में दिल्ली एसेम्बली में बनी थी बम विस्फोट की योजना: एड हर्ष शर्मा गपत।युवा भारत बागपत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम खेड़की स्थित पंचायत घर में देश के अमर बलिदानी सरदार भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के शहादत दिवस पर एक प्रेरणादायक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना एवं महान क्रांतिकारियों के विचारों को समाज तक पहुँचाना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया, जिसमें ग्राम प्रधान आशीष शर्मा, मुख्य अतिथि विक्रांत तोमर (गोल्ड मेडलिस्ट), एड हर्ष शर्मा खेकड़ा एवं अन्य गणमान्यों द्वारा भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों और भावनाओं से ओत-प्रोत हो गया।कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विक्रांत तोमर ने भगत सिंह के विचारों और उनके क्रांतिकारी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक महान विचारक भी थे, जिन्होंने समाज में फैली जाति, धर्म और भेदभाव की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोपरि माना। मुख्य अतिथि एड हर्ष शर्मा ने अपने उद्बोधन में ऐतिहासिक तथ्यों को साझा करते हुए बताया कि 3 अप्रैल 1929 को भगत सिंह सिसाना गांव में लाला विमल प्रसाद जैन के निवास पर आए थे, जहां दिल्ली असेम्बली बम विस्फोट की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि ,यह घटना हमारे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और हमें इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजकर रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को शहीदों के त्याग, साहस और संघर्ष से प्रेरणा लेने तथा समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान महान क्रांतिकारी जतिन्द्र नाथ दास के बलिदान का भी विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया गया कि, उन्होंने जेल में भारतीय कैदियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार और भेदभाव के विरोध में 63 दिनों तक कठोर भूख हड़ताल की और अंततः अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनका यह बलिदान आज भी अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम के आयोजक नीतीश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों का सम्मान केवल औपचारिक श्रद्धांजलि देने से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने से होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा एक सशक्त और जागरूक भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर उदित तोमर, मुकेश शर्मा, सुनील शर्मा, विनीत शर्मा, अंश शर्मा, दयाराम पांडेय, आदित्य भारद्वाज, अर्णव प्रमुख सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे।

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