2026-03-28 21:34:14
विवाद थमने का नाम नहींं ले रहा है।करीब चार दिन पूर्व कोताना के किसानों की फसल में ट्रेक्टर चलाकर नेस्तनाबूद किए जाने के बाद अस पाली गांव के ग्रामीणों ने अपनी 800 बीघा जमीन और उसपर खडी फसल को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से तुरंत कार्रवाई की मांग की। किसानों ने बताया कि, हरियाणा के लोग उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें हरियाणा प्रशासन भी कथित तौर पर उनकी मदद कर रहा है।बताया कि जब पाली गांव के किसान अपनी जमीनों पर पहुंचे, तो वहां संघर्ष की नौबत आ गई थी, लेकिन बाद में किसी तरह शांति बहाल हो पाई। किसानों ने इस मामले में बागपत डीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसान अमित सतपाल, राकेश आर्य,पंकज चौहान व मनीष चौहान आदि ने बताया कि, 1974 में दीक्षित अवार्ड के तहत जो नियम बनाया गया था ,उसके अनुसार, हरियाणा के किसानों की जो जमीन बागपत क्षेत्र में आती है, वह हरियाणा के किसानों के नाम बागपत के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी।इसी तरह, यमुना पार कर बागपत के किसानों की जो जमीन हरियाणा में है, वह हरियाणा के राजस्व में शामिल होकर बागपत के किसानों के नाम दर्ज होनी थी। हालांकि, पाली गांव में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई, जिसके कारण किसान तभी से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल लगभग 800 बीघा जमीन को लेकर यह विवाद चल रहा है, जिससे 100 से अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि, हरियाणा से आने वाले लोग जबरन उनकी जमीनों पर कब्जा करना चाहते हैं। किसानों ने बागपत प्रशासन से हरियाणा प्रशासन से बात कर उनकी जमीनें राजस्व में दर्ज कराने और कब्जा सुनिश्चित कराने की मांग की है।