2025-03-30 16:52:09
आओ भोले पास में बैठें, मिलकर थोड़ा-सा बतियालें, इधर-उधर की छोड़ दें चिंता, बस मन भर कर मुस्कालें। आओ भोले पास ..... इसका लेना उसका देना, यहीं धरा रह जाएगा, भोले से जीवन का सारा, सार समझ में आएगा। आओ भोले पास ...... भोले अपने मन की कह कर, मन मेरा बहलाते हैं, भावों में बह जाते हैं हम, अश्रु चरण गिर जाते हैं। आओ भोले पास ..... कांधे पर थपकी दे देकर, कसर पूरी करते भोले, जीवन की हर मृगतृष्णा को, खुद हर जाते हैं भोले। आओ भोले पास .... तन-मन में जो बंधा हुआ है, मनका भोले नाम का, एक-एक मोती शिव मूरत-सा, दिखता भोलेराम का। आओ भोले पास .... (207/260 वां मनका )