2026-03-28 22:09:57
लाखों का जुर्माना, जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए गुनहगार — उरई में कड़ा संदेश उरई (जालौन) जनपद में मिलावटखोरी के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ का असली एक्शन देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अगुवाई में प्रशासन ने ऐसा सख्त रुख अपनाया कि मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सतर्कता समिति की बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई—जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह ने खुलासा किया कि विशेष अभियान के तहत मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय ने 35,16,250 रुपये का भारी भरकम जुर्माना ठोका है। इतना ही नहीं, दूध में मिलावट करने वाले तीन दोषियों को 6-6 महीने की जेल और आर्थिक दंड भी सुनाया गया है। आंकड़ों ने भी खोली पोल वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 376 खाद्य नमूनों की जांच हुई, जिसमें 89 नमूने फेल पाए गए। इन मामलों में 71 मुकदमे दर्ज किए गए और 59 मामलों में दोषियों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। दवा दुकानों पर भी चला डंडा औषधि निरीक्षण के दौरान 208 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई, जिसमें 5 नमूने अधोमानक मिले। इन पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। डीएम का सख्त संदेश जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दूध, तेल, मसाले, फल-सब्जी—हर खाद्य सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही मेडिकल स्टोरों पर पारदर्शी बिलिंग और जीएसटी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साफ संकेत: अब मिलावटखोरी का धंधा आसान नहीं—जो भी जनता की सेहत से खिलवाड़ करेगा, उसे जुर्माना ही नहीं, जेल की हवा भी खानी पड़ेगी।