2025-03-23 19:26:31
भोले का ही दिया हुआ सब, भोले को अर्पण कर दूं, और बचे जो पास में मेरे, भक्ति-भाव में सब धर दूं। भोले का ही ... गढ़कर छोटा-सा शिवलिंग मैं, भोले का नित ध्यान धरूं, जन-जन को फिर पास बिठाकर, बस भोले का ही जाप करूं। भोले का ही ... मन की डोरी थाम लें भोले, और धड़कन की श्वांसों को, बिन पंखों का पंछी बन कर, पा जाऊं बस भोले को। भोले का ही .... नहीं रहे जग से कुछ लेना, बस देने को पास रहे, आस बांधकर जो भी आए, वो भी ना कभी निराश रहे। भोले का ही .... तन माटी का मन भोले का, ये हमको विश्वास रहे, छोड़ दे चिंता जीव मरण की, बस भोले के पास रहे। भोले का ही ... (206/259वां मनका) कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी राम गांधीनगर, इन्दौर (म.प्र.)