2025-04-04 17:03:05
संसद का बजट सत्र जो 31 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था, आज शुक्रवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। इसके साथ ही राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों को अनिश्चितकाल (sine die) के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब अगला सत्र मानसून सत्र के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। वहीं राज्यसभा के अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सदन के 267वें सत्र के समापन पर सभी सदस्यों को उनके सक्रिय योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि इस सत्र में राज्यसभा कुल 159 घंटे चली, जिसकी उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। इस दौरान, राज्यसभा ने सबसे लंबी बैठक 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू की, जो लगातार 17 घंटे चली और 4 अप्रैल को सुबह 4:02 बजे समाप्त हुई। यह राज्यसभा के इतिहास में सबसे लंबी बैठक थी। इसके अलावा, इस सत्र में 49 निजी विधेयक पेश किए गए, जो एक नया रिकॉर्ड है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र में लोकसभा की कुल 26 बैठकें हुईं, और इसकी उत्पादकता 118 प्रतिशत रही। इस दौरान 10 नए सरकारी विधेयक पेश किए गए और 16 विधेयक पारित हुए। इनमें प्रमुख रूप से वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 शामिल रहे। वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 संसद में गहन चर्चा के बाद पारित किया गया। यह विधेयक पहले संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया था, जिसने इसमें कुछ संशोधन किए। इसका उद्देश्य वक्फ बोर्डों के प्रशासन में सुधार करना, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाना और तकनीक की मदद से रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि 95 सदस्यों ने विरोध किया। गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला, जबकि दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चला। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिससे नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी