2025-04-03 22:08:14
भिंड । गोबिंद सिंह ठेकेदार प्रदेश अध्यक्ष आल इंडिया दलित ऐक्शन कमेटी ने कांग्रेस नेता अजय सिंह द्वारा सार्वजनिक मंच से स्ष्ट समाज को हरिजन कहकर संबोधित करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह उनकी सवर्णवादी मानसिकता को भी दर्शाता है। संविधान ने इस शब्द को अस्वीकार कर दिया है, लेकिन अजय सिंह जैसे नेता अब भी स्ष्ट समाज को पिछड़ा और दया का पात्र दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।गोविंद सिंह ठेकेदार आल इंडिया दलित एक्शन कमेटी ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अजय सिंह का बयान दर्शाता है कि कांग्रेस की सोच आज भी जातिवादी मानसिकता से ग्रसित है। स्ष्ट समाज किसी की दया पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करता रहा है। अगर अजय सिंह जी को एससी समाज से इतनी ही सहानुभूति है, तो पहले अपनी मानसिकता बदलें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। आल इंडिया दलित एक्शन कमेटी ने विरोध सवजनी रूप से माफ़ी की मांग की हैँ वह अजय सिंह के इस बयान पर स्पष्ट रुख अपनाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करे। आल इंडिया दलित एक्शन कमेडी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही माफी नहीं मांगी गई, तो इसका कड़ा विरोध होगा। आदरणीय नेता जी शायद आपको ज्ञात न हो तो, मैं आपको बता दूं। आपने जिस शब्द (हरिजन) का उपयोग किया है, ये शब्द सुप्रीम कोर्ट ने बैन कर रखा है। क्योंकि ये जातिवादी शब्द है। तो क्या आप जानबूझकर अजा समाज का अपमान कर रहे है? सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 2017 को ये कहकर इस (हरिजन) शब्द को बैन किया था कि, ये शब्द अपमानजनक है। इस शब्द का उपयोग नीचा दिखाने के लिए किया जाता है। तो क्या आपने भी अजा को नीचा दिखाने के लिए इस शब्द का उपयोग किया है? 1982 में केंद्र सरकार ने पहली बार (हरिजन) शब्द को औपचारिक रूप से प्रतिबंधित किया था। ये फैसला सामाजिक न्याय मंत्रालय ने लिया था। तब भी यही तर्क था कि ये शब्द (हरिजन) अजा के लोगों के लिए अपमानजनक है। फिर आप इस शब्द का उपयोग क्यों कर रहे है? क्या आप जातिवाद को बढ़ावा नहीं दे रहे? Dear @INCMP आपके नेता श्री @ASinghINC जी ने सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ञ्चङ्ग पर जातिवाद को बढ़ावा देने वाले शब्द (हरिजन) का उपयोग कर देश के समस्त बहुजन लोगों का अपमान किया है! उनके इस शब्द का प्रयोग कर करने पर स्ट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। कृपया उनसे कहें कि वो सार्वजनिक रूप से बहुजन समाज से माफी मांगे, नहीं तो हम अजाक थाने में उन पर स्रढुक्र दर्ज कराएंगे