भारतीय स्टार्टअप स्वदेशी एआई बनाने पर दें ध्यान अमिताभ कांत

भारत के G20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा
News

2025-04-04 17:00:06

भारत के G20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा कि भारत को एआई जैसी अपनी खुद की एडवांस टेक्नोलॉजी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके साथ ही देश को टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रगति को लेकर दूसरे देशों पर निर्भर रहने से भी बचना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी तकनीकी स्वतंत्रता बनाए रखनी चाहिए और ऐसी तकनीकें बनानी चाहिए, जो देश की अनूठी संस्कृति और पहचान को दर्शाती हों। अमिताभ कांत ने जोर देकर कहा कि भारत को पश्चिम या किसी अन्य देश का “तकनीकी उपनिवेश” नहीं बनना चाहिए। इसके बजाय, उसे ऐसे इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो क्विक, एनर्जी-एफिशिएंट और लागत-प्रभावी हों। ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ कार्यक्रम के दूसरे एडिशन में कांत ने कहा, “यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत तकनीकी उन्नति में अपनी संप्रभुता बनाए रखे और सबसे आगे रहकर नेतृत्व करे। हमें पश्चिम या दुनिया के किसी अन्य देश का तकनीकी उपनिवेश नहीं बनना चाहिए। हमें तेजी से, कम ऊर्जा-खपत और लागत-प्रभावी तरीके से इनोवेशन को जारी रखना चाहिए।” उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा, “भारत की स्टार्टअप कहानी उद्यमशीलता की भावना का प्रमाण है जो नए भारत को परिभाषित करती है। जब हमने 2016 में स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत की थी, तो हमारा लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना था, जो इनोवेशन को बढ़ावा दे, वित्तीय सहायता प्रदान करे और युवा व्यवसायों का पोषण करे। केवल नौ वर्षों में, हमने स्टार्टअप गतिविधि में एक बड़ा बदलाव देखा है।” अमिताभ कांत ने कहा, “मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या 2016 में 400 से बढ़कर 2025 में 1,61,000 से अधिक हो गई है। हमें इस गति को जारी रखना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि इनोवेशन भारत की विकास कहानी के केंद्र में बना रहे।” उन्होंने एडवांस टेक्नोलॉजी बनाने के लिए भारत के लार्ज डेटा सेट का इस्तेमाल करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि देश को केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लागू करने से आगे बढ़ना होगा और ऐसे कम्प्लीट एआई सिस्टम बनाने चाहिए, जो पश्चिमी मॉडलों में पाए जाने वाली कमियों से मुक्त हों। जी20 शेरपा ने कहा, “हमें अपने स्वयं के डेटा सेट के आधार पर संप्रभु फ्रंटियर मॉडल बनाना चाहिए, जिसमें पश्चिम देशों के निहित पूर्वाग्रह न हों। हमें केवल एप्लिकेशन लेयर ही नहीं, बल्कि एंड-टू-एंड एआई इकोसिस्टम बनाना चाहिए।” सीईओ अमिताभ कांत ने भारतीय स्टार्टअप को एआई, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, बिग डेटा, साइबरसिक्यूरिटी, स्पेस टेक और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों को एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके अनुसार, “ये क्षेत्र भविष्य के इनोवेशन को बढ़ावा देंगे और भारत को डीप टेक में लीडर बनने में मदद करेंगे। भविष्य भारत के डीप टेक का चैंपियन बनने में निहित है।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@anupamsandesh.com
Copyright© Anupam Sandesh
Powered by DiGital Companion